तू अकेला नहीं
यकीन
रख,
तू
अकेला नहीं |
इतमिनान
रख,
तू
तन्हा नहीं |
वक्त
की गर्दिशें है बस ये,
यूं
विश्वास रख
कि
तू अभी हारा नहीं |
तेरी
सलाहियतें* अभी
बहुत है,
तेरी
काबिलियत भी तो खूब है |
संघर्षरत
होकर ही यूं
आज
के अश्क* को
अपने कल के शम-ए-मसर्रतों*
में,
तब्दील
कर तू |
1.सलाहियतें:-
सामर्थ्यता
2.अश्क:-
आंसू
3.शम-ए-मसर्रत:-खुशियों
का दीपक
👍
ReplyDeleteबढ़िया
ReplyDeleteअति उत्तम👌👌👌
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