तू अकेला नहीं


यकीन रख,
तू अकेला नहीं |

इतमिनान रख,
तू तन्हा नहीं |

वक्त की गर्दिशें है बस ये,
यूं विश्वास रख
कि तू अभी हारा नहीं |

तेरी सलाहियतें* अभी बहुत है,
तेरी काबिलियत भी तो खूब है |

संघर्षरत होकर ही यूं
आज के अश्क* को अपने कल के शम--मसर्रतों* में,
तब्दील कर तू |


1.सलाहियतें:- सामर्थ्यता
2.अश्क:- आंसू

3.शम--मसर्रत:-खुशियों का दीपक 

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