कितने समय बाद
कितने समय बाद आज फिर उस हंसी को देखा,
कितने समय बाद आज फिर चेहरे की उस चमक को देखा,
देखा आज उसे जिसे रोज़ अपने साथ होने का एहसास लेती थी,
सुना आज उसे जिसकी आवाज़ से ही रोज़ भावों का पता लगती थी।
मेरे मज़ाकों पर उनकी ठहाकेदार हंसी का वो मज़ा,
मेरी कई बेकार बातों पर उनकी नाराज़गी की सज़ा,
सब मिला कितने समय बाद आज फिर,
सब महसूस किया मैंने कितने समय बाद आज फिर।
कितने समय बाद आज फिर चेहरे की उस चमक को देखा,
देखा आज उसे जिसे रोज़ अपने साथ होने का एहसास लेती थी,
सुना आज उसे जिसकी आवाज़ से ही रोज़ भावों का पता लगती थी।
मेरे मज़ाकों पर उनकी ठहाकेदार हंसी का वो मज़ा,
मेरी कई बेकार बातों पर उनकी नाराज़गी की सज़ा,
सब मिला कितने समय बाद आज फिर,
सब महसूस किया मैंने कितने समय बाद आज फिर।
Greatly done... really appreciable😊
ReplyDeleteWeldon dear 😍
ReplyDeleteSuperb
ReplyDeleteKafi samvedansheel abhivyakti! ❤
ReplyDeleteGreat 👌👌
ReplyDeleteHas fine human touch।
ReplyDeleteThank you sir. 🌸
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