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Showing posts from August, 2019

What a heart wants

I never felt like this before... Like the waves meeting the seashore... Just want to continue with this... As all calm songs are on my lips... Sometimes there are endless talks.. And sometimes it's just silence that walks... But I love this silence too... Because it contains the essence of you.. Let's get escaped from this rush... Let's hold each other's hands and run..

शुक्रिया, रवीश सर

“ नमस्कार , मैं रवीश कुमार " अब ये महज़ चंद शब्द नहीं बल्कि गवाह है इस बात का कि जब देश का अधिकांश मीडिया सत्ता की चाटुकारिता में लिप्त था तब एक पत्रकार अपनी पूरी काबिलियत से उसी सत्ता को हर स्तर पर आईना दिखाने का कार्य कर रहा था । रवीश कुमार , एक ऐसा नाम जो किसी को जननायक की तरह लगता है तो किसी को सत्ता को हर दम चुनौती पेश करने वाली शक्ति के रूप में , लेकिन मेरे लिए रवीश कुमार महज़ एक क्रांतिकारी पत्रकार नहीं बल्कि वो शख्स हैं जिन्होंने पिछले 4-5 सालों में मुझे सोचने समझने , विमर्श करने , तर्क पेश करने और बेमतलब के शोर में भी सच्चाई की आवाज़ को पहचानने का सलीका सिखाया है । अन्य लोगों के लिए पत्रकार और दर्शक का रिश्ता एकतरफा होता है पर मेरे लिए ये एक बहुस्तरीय रिश्ता रहा है । उनके द्वारा उठाये गए हर मुद्दे , हर जनसमस्या के विश्लेषण के बाद उस विषय पर अपनी कोई भी राय बनाने के लिए उसके बारे में और जानकारी इकठ्ठी करना , सभी तथ्यों की तह तक जाना और उसके बाद ही पब्लिक स्पेस में जाकर उसपर कुछ बोलना । कुछ वर्षों में उनके कई कार्यक्रम देखने - सुनने के बाद एक बात स्पष्ट दिखती है ...